नोएडा, 5 जून 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
CJP ने दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया है। इस बीच, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आवश्यक नियम और अनुमति पर बातचीत भी बढ़ गई है।
पेपर लीक प्रदर्शन को लेकर बढ़ी चर्चा
पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में चर्चा हो रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन परीक्षा की खामियों, पेपर लीक के आरोपों और युवाओं की कठिनाइयों पर केंद्रित होगा। आंदोलन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग की जाएगी।
पेपर लीक प्रदर्शन के लिए कैसे मिलती है अनुमति?
भारत का संविधान नागरिकों को शांति से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इसके लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। आमतौर पर आयोजकों को संबंधित थाने, एसीपी और डीसीपी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना पड़ता है। प्रदर्शन का उद्देश्य, समय, स्थान, संभावित जनसैलाब और मार्ग की जानकारी प्रशासन को देना अनिवार्य है।
पेपर लीक प्रदर्शन में क्या हैं कानूनी नियम?
यदि प्रदर्शन किसी सार्वजनिक स्थान, पार्क या नगर निगम की संपत्ति पर होना है, तो स्थानीय प्राधिकरण से अलग से अनुमति प्राप्त करनी होती है। कई राज्यों में अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी की जा सकती है। प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अनुमति देने या अस्वीकृति का निर्णय करता है।
