नोएडा, 18 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से किए गए Independence Day संबोधन के बाद “दिमागी नक्सल” शब्द सोशल मीडिया और राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया। PM मोदी ने सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए वैचारिक स्तर पर मौजूद नक्सली सोच को चुनौती देने की बात कही।
पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। चिदंबरम ने 16 अगस्त को X पर “मैं एक दिमागी नक्सली होने पर गर्वित हूँ!” लिखा। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस विषय पर राजनीतिक बयानों का दौर तेज हो गया। इसी दौरान Instagram पर “Dimagi Naxal Party” नाम का अकाउंट चर्चा में आने लगा।
दिमागी नक्सल अकाउंट कैसे हुआ वायरल?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह Instagram अकाउंट अगस्त 2026 में स्थापित किया गया और इसके followers तेजी से कुछ ही समय में बढ़ गए। NDTV ने 17 अगस्त को बताया था कि अकाउंट ने एक दिन में 2.6 लाख से अधिक followers प्राप्त किए थे। हालांकि विभिन्न समयों पर follower count में परिवर्तन की खबरें आई हैं। अकाउंट के संस्थापक या प्रबंधकों की पहचान अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्टों में दिमागी नक्सल यूजर को एक व्यंग्यात्मक social-media प्रोजेक्ट के रूप में दर्शाया गया है। इसके प्रारंभिक पोस्ट में राजनीतिक व्यंग्य, мем्स और इंटरनेट-शैली का हास्य देखा गया। अकाउंट की बायो में “a dimagi Indian” जैसे वाक्य और “We think. We conduct research. We oppose.” जैसा कि स्लोगन में उल्लेख किया गया है। कुछ पदों में भगत सिंह के विचारों से जुड़ने का आरोप भी लगाया गया, हालांकि ये खातों के व्यक्तिगत दावे हैं और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिमागी नक्सल को लेकर Fact Check
इस अकाउंट के वायरल होने की मुख्य कारण इसकी समयानुकूलता, राजनीतिक विवाद और व्यंग्यात्मक प्रस्तुति मानी जा रही है। 15 अगस्त के भाषण के बाद “दिमागी नक्सल” शब्द पहले से ही चर्चित था, जबकि चिदंबरम की प्रतिक्रिया और उसके बाद आई राजनीतिक टिप्पणियों ने इसे और अधिक मशहूर बना दिया।
हालांकि “Dimagi Naxal Party” को भारत की एक आधिकारिक राजनीतिक पार्टी कहना उचित नहीं है। अब तक इसकी औपचारिक राजनीतिक पंजीकरण, संगठनात्मक संरचना, वित्तपोषण या संस्थापक के संबंध में कोई सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है। इसलिए इसे अभी एक वायरल सोशल-मीडिया खाता और व्यंग्यात्मक ऑनलाइन पहल के रूप में समझना अधिक सही है। CJP यानी Cockroach Janta Party जैसे हालिया ऑनलाइन राजनीतिक-व्यासंग्य प्रवृत्तियों से इसकी तुलना की जा रही है, लेकिन दोनों के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
