नोएडा, 05 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
नोएडा रजिस्ट्री को लेकर पुराने कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियों के करीब 2500 फ्लैट मालिकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। नोएडा प्राधिकरण इन सोसायटियों के फ्लैटों की अलग-अलग रजिस्ट्री का रास्ता खोलने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए संबंधित नियमों और बायलॉज में जरूरी बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। अभी कई मालिकों के पास केवल सोसायटी का अलॉटमेंट लेटर है और सरकारी रिकॉर्ड में व्यक्तिगत मालिकाना हक दर्ज नहीं है।
नोएडा रजिस्ट्री के लिए नियमों में बदलाव
पुरानी कोऑपरेटिव सोसायटियों में व्यक्तिगत रजिस्ट्री नहीं होने के कारण फ्लैट मालिकों को संपत्ति के दस्तावेज और मालिकाना हक से जुड़े कामों में परेशानी होती रही है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद पात्र फ्लैट मालिकों के लिए अलग रजिस्ट्री कराने का रास्ता खुल सकता है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में मालिकाना हक दर्ज कराने और संपत्ति से जुड़े कानूनी काम आसान होने की उम्मीद है।
नोएडा रजिस्ट्री में विवाद भी बनी वजह
कुछ सोसायटियों में बिना उचित अनुमति पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए फ्लैट ट्रांसफर किए जाने के मामले सामने आए हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर फर्जी या विवादित सदस्यता से जुड़े मामले भी रहे हैं। इन विवादों के चलते संपत्तियों के ट्रांसफर पर रोक जैसी स्थिति बनी और फ्लैटों की खरीद-बिक्री प्रभावित हुई। प्राधिकरण की पहल से ऐसे पुराने मामलों को व्यवस्थित करने की उम्मीद है।
नोएडा रजिस्ट्री से खरीद-बिक्री होगी आसान
अलग-अलग रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू होने से फ्लैट मालिकों को अपनी संपत्ति का स्पष्ट कानूनी रिकॉर्ड मिलने की संभावना है। इससे भविष्य में फ्लैट की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और अन्य संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में सुविधा मिल सकती है। फिलहाल प्राधिकरण की ओर से नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। अंतिम प्रक्रिया और पात्रता संबंधी शर्तें लागू होने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
