नोएडा, 17 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
महाराष्ट्र के नाशिक जिले के निफाड़ में नाशिक आवारा कुत्ते समस्या को लेकर युवा सेना कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। कार्यकर्ता नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और मुख्याधिकारी धीरज भांबरे की टेबल पर दो आवारा पिल्ले छोड़ दिए। घटना का वीडियो भी सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने इसे प्रशासन की कथित निष्क्रियता के खिलाफ विरोध बताया।
नाशिक आवारा कुत्ते मामले में प्रशासन पर आरोप
जानकारी के अनुसार, पिल्लों को छोटे बोरों में कार्यालय लाया गया था। टेबल पर छोड़े जाने के बाद वे घबराए हुए नजर आए। विरोध के दौरान अधिकारी की टेबल पर करेंसी नोटों की माला भी रखी गई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी बढ़ रही है।
नाशिक आवारा कुत्ते नियंत्रण की उठी मांग
युवा सेना जिला प्रमुख विक्रम रणधवे के अनुसार, कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शनकारियों ने आवारा कुत्तों की नसबंदी, उचित डॉग-कैचिंग व्यवस्था और आबादी नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
नाशिक आवारा कुत्ते मुद्दे पर दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी
रणधवे ने आरोप लगाया कि प्रशासन नागरिक समस्याओं के समाधान के बजाय टेंडर प्रक्रियाओं में उलझा हुआ है। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर नागरिकों की मौजूदगी में दोबारा इसी तरह विरोध करने की चेतावनी दी। इससे पहले मध्य प्रदेश के खंडवा में भी आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर अनोखा प्रदर्शन हुआ था, जहां एक व्यक्ति कुत्ते का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा था।
