ग्रेटर नोएडा आरक्षण मुद्दे पर सवर्ण स्वाभिमान मंच की बैठक और 2 अक्टूबर आंदोलन की घोषणा

ग्रेटर नोएडा में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, UGC से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार और SC/ST Act में कानूनी सुधार की मांग को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में इन मुद्दों पर संगठित अभियान चलाने पर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने ‘सवर्ण स्वाभिमान मंच’ के गठन का निर्णय लिया और कपिल शर्मा एडवोकेट को संयोजक चुना। बैठक की अध्यक्षता मनोज गोयल ने की और संचालन प्रमोद शर्मा एडवोकेट ने किया।

ग्रेटर नोएडा आरक्षण में बदलाव की मांग

मंच की ओर से कहा गया कि वह आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग नहीं कर रहा है। उसके अनुसार आर्थिक और वास्तविक वंचितता को भी आरक्षण के आधार पर विचार में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही SC/ST Act के तहत वास्तविक पीड़ितों के कानूनी संरक्षण का विरोध नहीं करते हुए, कथित दुरुपयोग की स्थिति में निर्दोष लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रक्रिया में सुधार की मांग रखी गई।

ग्रेटर नोएडा आरक्षण मुद्दे पर संपर्क अभियान

बैठक में तय किया गया कि मंच पहले गौतमबुद्धनगर के सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों से संपर्क करेगा। विभिन्न समुदायों के संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों को इन मुद्दों पर संवाद से जोड़ने की योजना बनाई गई है। मंच के अनुसार आगे अभियान को जिले से बाहर भी विस्तार दिया जा सकता है। आरक्षण, UGC प्रावधानों और SC/ST Act से जुड़े कानूनी पहलुओं पर जनसंवाद आयोजित करने की बात कही गई।

ग्रेटर नोएडा आरक्षण को लेकर 2 अक्टूबर को आंदोलन

मंच के संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण आंदोलन का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के अनुसार जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, UGC प्रावधानों पर पुनर्विचार और SC/ST Act में कानूनी सुधार से जुड़ी मांगें शामिल होंगी। सदस्यों ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संचालित करने की बात कही।