नोएडा सफाई व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कूड़ा, सड़क मरम्मत और अतिक्रमण को लेकर प्राधिकरण के सख्त निर्देश

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, सड़कों की मरम्मत, उद्यानों, अतिक्रमण और आईजीआरएस शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। सेक्टर-19 के पार्क में हॉर्टिकल्चर वेस्ट मिलने पर संबंधित संस्था पर 5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने को कहा गया। वहीं लापरवाही मिलने पर उद्यान निरीक्षक और सहायक निदेशक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

नोएडा सफाई व्यवस्था में कूड़ा मिलने पर कार्रवाई

निठारी रोड और सेक्टर-43 में भी कूड़ा जमा मिलने पर संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सेक्टर-43 में वेस्ट कलेक्शन एजेंसी के कॉम्पेक्टर प्वाइंट के पास कूड़ा मिलने पर एजेंसी पर पेनल्टी, स्वास्थ्य निरीक्षक का एक सप्ताह का वेतन काटने और सफाई सुपरवाइजर का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। शहर में बने GVP को लेकर डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसी मेसर्स एजी इनवायरो पर 25 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने को कहा गया। सेक्टर-27 में गंदगी मिलने पर भी संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नोएडा सफाई व्यवस्था के साथ सड़कों पर भी फोकस

बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और रिसर्फेसिंग को लेकर प्राधिकरण ने समयसीमा तय की है। सभी वर्क सर्किलों के तहत सड़कों का काम 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए। सेक्टर-145, सलारपुर, सेक्टर-71 अंडरपास से हिंडन पुल और अन्य स्थानों के क्षतिग्रस्त मार्गों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने को कहा गया। वहीं सभी शौचालयों को 15 अक्टूबर तक सुचारु रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नोएडा सफाई व्यवस्था में अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर सख्ती

ग्राम बरौला और सेक्टर-138/140 में अवैध निर्माण मिलने पर तत्काल रोक लगाने और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एमपी-3 मार्ग पर अनधिकृत वेंडरों को हटाने के लिए एक महीने में अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। आईजीआरएस शिकायतों के केवल औपचारिक निस्तारण के बजाय मौके पर वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि निर्धारित समय के बाद भी काम लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।