नोएडा, 28 जून 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का बलौदा बाजार की मौतों का रहस्य पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है। खारवे गांव में पिछले पांच महीनों में आठ लोगों की संदिग्ध मौतों ने ग्रामीणों को गहरा सदमा दिया है। शुरुआत में इन मौतों को सामान्य या प्राकृतिक माना गया, इसलिए अधिकतर मामलों में पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। लगातार होती मौतों से ग्रामीणों ने इसे अशुभ संकेत मानकर पूजा और धार्मिक अनुष्ठान भी किए।
बलौदा बाजार मौत रहस्य में जांच का बड़ा मोड़
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब एक युवक ने बताया कि आरोपी द्वारा दी गई शराब पीने के चंद सेकंड बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और वह कई घंटे बेहोश रहा। इसके बाद गांववालों ने सभी मौतों में समानताएं खोजनी शुरू की और पुलिस में शिकायत दी। जांच के दौरान यह पता चला कि अधिकांश मृतक गांव के किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल के साथ शराब पिया करते थे।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
पुलिस ने 22 जून को रामसहाय जायसवाल को बंदी बनाया। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने कथित रूप से देसी शराब में चूहे मारने वाला विष मिलाकर लोगों को पिलाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने व्यक्तिगत दुश्मनी, ज़मीन विवाद और पुराने झगड़ों के कारण अपने जानने वालों को लक्ष्य बनाया। सात लाशों को निकालकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।
गांव में पसरा डर और इंतजार
बलौदा बाजार की मौतों का रहस्य पूरे खारवे गांव को हिला कर रख दिया है। जिन मौतों को लोग पहले देविक प्रकोप मान रहे थे, अब उन्हें कथित हत्या की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। गांव में अभी भी भय और खामोशी छायी हुई है, जबकि पुलिस ने बताया है कि मामले की गहन जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
