नोएडा, 24 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठे विवाद के बीच रखी है।
CEC ज्ञानेश कुमार पर CJP के आरोप और मांगें
CJP ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए गए और इस मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पार्टी ने CEC के इस्तीफे के साथ कथित निर्देश देने वालों पर कार्रवाई, आगामी विधानसभा चुनावों को फिलहाल रोकने और SIR को 2025 की मतदाता सूची की स्थिति में वापस लाने की मांग रखी है। साथ ही SIR से जुड़े दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली समिति को देने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी कानून को रद्द करने की मांग भी की गई है।
CEC ज्ञानेश कुमार पर रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
यह मांग Indian Express की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद सामने आई, जिसमें कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में SIR, नए मतदाताओं से जुड़े Form 6 और मतदाता डेटा के प्रबंधन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के बाद विभिन्न विपक्षी नेताओं ने भी CEC के खिलाफ कार्रवाई या इस्तीफे की मांग उठाई।
CEC ज्ञानेश कुमार मामले में चुनाव आयोग का पक्ष
विवाद पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए। आयोग के अनुसार व्यक्तिगत टिप्पणियां या सुझाव अंतिम संस्थागत निर्णय के बराबर नहीं होते। ऐसे में CJP के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष फिलहाल अलग-अलग दावों के रूप में सामने हैं। CJP ने जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन की तैयारी की बात कही है।
