नोएडा, 18 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में किसानों की लंबित मांगों को लेकर अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। इसमें 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट, आबादी मामलों, नए कानून और भूमिहीन किसानों को दुकानों के आवंटन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। किसान प्रतिनिधियों ने लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग रखी।
ग्रेटर नोएडा किसान प्रतिनिधियों को लखनऊ वार्ता का भरोसा
बैठक में तीनों प्राधिकरणों के CEO, जिलाधिकारी और जॉइंट पुलिस कमिश्नर समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों को 5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त स्तर पर वार्ता कराने का भरोसा दिया। 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट के प्रस्ताव पर शासन की ओर से मांगी गई जानकारी और स्पष्टीकरण तैयार किए जा रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा किसान मुद्दों पर शासन स्तर पर चर्चा
किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि लखनऊ वार्ता में सकारात्मक प्रगति होने पर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। किसान पक्ष सभी मांगों और संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा है। बैठक में आबादी से जुड़े मामलों, नए कानून के प्रावधानों और भूमिहीन किसानों को दुकानों के आवंटन पर भी चर्चा हुई।
ग्रेटर नोएडा किसान आंदोलन पर 6 अक्टूबर की नजर
किसान प्रतिनिधियों के मुताबिक प्राधिकरण और किसानों के बीच जरूरी ‘होमवर्क’ पूरा किया जाएगा, ताकि शासन के सामने प्रत्येक मुद्दे को तथ्य और दस्तावेजों के साथ रखा जा सके। किसानों ने कहा कि यदि तय समयसीमा में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 6 अक्टूबर से आंदोलन दोबारा तेज किया जा सकता है। अब किसानों की नजर 5 अक्टूबर की लखनऊ वार्ता पर है।
