ग्रेटर नोएडा में हाईराइज हाउसिंग सोसायटियों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्राधिकरण ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। 100 से अधिक चिन्हित सोसायटियों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा। इन सोसायटियों को जल्द नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्राथमिकता उन परियोजनाओं को दी जा रही है, जहां निवासियों ने निर्माण गुणवत्ता या संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें की हैं।

ग्रेटर नोएडा स्ट्रक्चरल ऑडिट में तकनीकी जांच

प्रस्तावित ऑडिट में इमारतों की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। प्राधिकरण की योजना के अनुसार यह काम प्रतिष्ठित तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों से कराया जा सकता है। IIT, NIT और Jamia जैसे संस्थानों को विकल्प के तौर पर शामिल किया गया है। इससे भवनों का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराने की तैयारी है।

ग्रेटर नोएडा स्ट्रक्चरल ऑडिट नीति पहले से लागू

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्ट्रक्चरल ऑडिट नीति को दिसंबर 2022 में मंजूरी दी थी और 2023 में इसे लागू किया गया। प्राधिकरण क्षेत्र में 210 से अधिक हाउसिंग सोसायटियां हैं। इनमें निर्माणाधीन परियोजनाओं के साथ ऐसी मौजूदा सोसायटियां भी शामिल हैं, जहां सुरक्षा या निर्माण गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।

ग्रेटर नोएडा स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए नोटिस जारी

CEO NG Ravi Kumar ने Planning Department को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। Senior Manager सुधीर कुमार के अनुसार कुछ सोसायटियों को ऑडिट के लिए नोटिस पहले ही दिए जा चुके हैं और अन्य चिन्हित परियोजनाओं को भी जल्द नोटिस भेजे जाएंगे। अरिहंत अंबर सोसायटी में स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जा चुका है। आगे अन्य सोसायटियों में भी जांच की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।