राजस्थान, 16 मई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से उत्पन्न झुंझुनूं NEET विवाद ने पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद एक छात्र द्वारा आत्महत्या की सूचना ने अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ा दी है। मृतक छात्र प्रदीप मेघवाल पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार का कहना है कि उसे इस बार लगभग 650 अंक आने की आशा थी।
झुंझुनूं NEET विवाद में छात्र की मौत
पुलिस के अनुसार छात्र ने कथित तौर पर अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना के दौरान उसकी एक बहन कोचिंग गई हुई थी और दूसरी बहन घर पर थी। जब घटना की सूचना मिली, तो पुलिस और परिवार वाले उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र मानसिक तनाव में था।
NEET परीक्षा रद्द होने से बढ़ी चिंता
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के चलते इसे रद्द किया गया था। इस निर्णय से देशभर के लाखों छात्रों पर असर पड़ा है। केंद्र सरकार ने पुनः परीक्षा 21 जून को कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित प्रारूप में संचालित करने का भी जिक्र किया गया है।
झुंझुनूं NEET विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक और परीक्षा के रद्द होने से छात्रों के बीच तनाव और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हुआ है। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिकता के संबंध में गंभीर सवाल उठाए हैं।
