नोएडा, 26 जून 2026 | रिपोर्ट: रिपोर्टर: मुस्कान शाह
मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का गंभीर मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर 12 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया। आरोप है कि फैक्ट्री के मालिक नौकरी, उच्च सैलरी और रहने-खाने की सुविधाएँ देने का लालच देकर लोगों को रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों से अपने साथ ले जाते थे। फैक्ट्री पहुंचने के बाद उन्हें मजबूरन वहीं काम करने पर मजबूर किया जाता था।
मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी में मजदूरों ने लगाए गंभीर आरोप
मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री में पहुंचते ही उनके मोबाइल फोन छीन लिए जाते थे, ताकि वे अपने परिवारों से बात न कर सकें। उनसे प्रतिदिन 18 से 20 घंटे लगातार काम कराया जाता था, जबकि भोजन के लिए केवल एक ही समय दिया जाता था। घर जाने, वेतन मांगने या विरोध करने पर लोहे के रॉड और डंडों से पीटा जाता था। मजदूरों ने यह भी कहा कि भागने से रोकने के लिए फैक्ट्री के अंदर पिटबुल कुत्तों का डर दिखाया जाता था।
पुलिस कार्रवाई और जांच जारी
पुलिस ने मामले में फैक्ट्री मालिक के पिता और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी भागा हुआ है। मजदूरों के आरोपों के आधार पर एक सहकर्मी की कथित हत्या के मामले में मामला भी दर्ज किया गया है। सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया है और उन्हें उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे की विधि कार्रवाई की जाएगी।
