नोएडा बिजली नीति के खिलाफ विरोध जताते बिजली उपभोक्ता

नोएडा में बिजली नीति को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय (दीपक शर्मा) ने UPPCL की नई नीतियों को “जनविरोधी” बताते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की अपील की है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था के चलते आम लोगों पर आर्थिक दबाव और दफ्तरों के चक्कर बढ़ गए हैं।

नोएडा बिजली नीति से बढ़ा आर्थिक बोझ

नई नीति के अंतर्गत नए बिजली कनेक्शन पर “सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज” लागू किया गया है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बिजली कनेक्शन प्राप्त करना कठिन हो रहा है। सरकार दूसरी ओर “हर घर बिजली” का प्रचार कर रही है, जबकि दूसरी ओर यह अतिरिक्त शुल्क लोगों की समस्याओं को बढ़ा रहा है।

नोएडा बिजली नीति में केंद्रीकृत व्यवस्था पर सवाल

बिल में सुधार, नया कनेक्शन और मीटर परिवर्तन जैसे कार्य पहले स्थानीय बिजलीघरों में आसानी से हो जाते थे। लेकिन अब लोगों को सेक्टर-16 और सेक्टर-18 के मुख्य कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पार्किंग की कठिनाई, लंबी कतारें और भीड़ के कारण उपभोक्ताओं का काफी समय बर्बाद हो रहा है।

स्थानीय शिकायत समाधान व्यवस्था कमजोर होने का आरोप

दिव्य कृष्णात्रेय का कहना है कि पहले JE और SDO के स्तर पर समस्याओं का जल्दी निपटारा हो जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के कारण स्थानीय जिम्मेदारी घट गई है। उन्होंने यह मांग की है कि “सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज” तुरंत समाप्त किया जाए और बिजली सेवाओं को फिर से स्थानीय स्तर पर प्रारंभ किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।