नोएडा, 19 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए ने नोएडा की यमुना और हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने नदियों के संरक्षण और सीवर तथा औद्योगिक कचरे पर रोक लगाने के लिए तुरंत कार्रवाई की माँग की है।
नोएडा यमुना पर बढ़ा प्रदूषण का संकट
नोएडा में यमुना और हिंडन नदी की deteriorating स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाया है कि बिना उपचार के सीवर और औद्योगिक अपशिष्ट लगातार नदियों में प्रवाहित हो रहे हैं, जिसके कारण दोनों नदियां प्रदूषित होकर ‘जहरीले नालों’ जैसी स्थिति में पहुँच गई हैं। उनका कहना है कि यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोगों की आस्था और स्वास्थ्य से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
नोएडा यमुना के संरक्षण की उठी मांग
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि यमुना और हिंडन जैसी पवित्र नदियां सनातन संस्कृति की सम्पत्ति हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण इनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका कहना है कि नदियों में मिल रहा गंदा पानी地下 जल को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर मुद्दे उभर सकते हैं।
नोएडा यमुना को बचाने के लिए कार्रवाई की मांग
आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि बिना उपचार के सीवर और औद्योगिक कचरे को नदियों में डालने पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही जलशोधन संयंत्रों (STP) की क्षमता का मूल्यांकन कर पारदर्शी और समयबद्ध योजना तैयार की जाए। संगठन का कहना है कि पर्यावरण, नागरिकों के स्वास्थ्य और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के लिए इस मामले में शीघ्र प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
