नोएडा, 30 जून 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
रूसी तेल का आयात जून में उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बंदरगाहों पर रूसी तेल लेकर आने वाले टैंकरों की संख्या में वृद्धि इसका प्रमुख संकेत है।
रूसी तेल आयात: रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ता भारत
जून महीने में रूसी तेल आयात का बड़ा आंकड़ा बनने की संभावना जताई गई है। ऊर्जा विशेषज्ञ अनस अलहाज्जी के अनुसार भारतीय बंदरगाहों पर रूसी कच्चे तेल के लिए आने वाले टैंकरों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। उनका कहना है कि इतने ज्यादा टैंकर पहले कभी एक साथ नहीं आए, जिससे जून में आयात के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का संकेत मिल रहा है।
रूसी तेल आयात में लगातार बढ़ोतरी
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार मई माह में भारत रूसी फॉसिल फ्यूल का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि भारत के कुल रूसी आयात का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा केवल कच्चे तेल का था। मई महीने के दौरान भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में 8 प्रतिशत और रूसी तेल की खरीद में 21 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई।
रूसी तेल आयात से रिफाइनरियों को फायदा
गुजरात के वाडिनार, जामनगर, न्यू मैंगलोर, विशाखापत्तनम और पारादीप रिफाइनरियों में रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि रियायती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल ने भारत की ऊर्जा लागत को बनाए रखने और रिफाइनिंग मार्जिन को सशक्त करने में सहायता की है। यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में आए परिवर्तनों के बीच रूस भारत का मुख्य कच्चा तेल प्रदाता बना हुआ है।
