नोएडा, 1 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
केंद्र सरकार ने VB-G RAMG मजदूरी से संबंधित एक नई अधिसूचना जारी की है। 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू हो गया है, जिसने लगभग 20 वर्षों पुराने मनरेगा कानून को प्रतिस्थापित किया है। इसके अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए विभिन्न राज्यों में ₹300 से ₹409 प्रतिदिन तक की मजदूरी निर्धारित की गई है, जबकि सिक्किम की कुछ ग्राम पंचायतों में यह राशि ₹450 प्रतिदिन तय की गई है।
VB-G RAMG मजदूरी में राज्यों के अनुसार बदलाव
नवीनतम अधिसूचना के अनुसार उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मजदूरी दरों में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। हालांकि हरियाणा में सबसे अधिक ₹409 प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित होने के बावजूद वृद्धि केवल 2.25 प्रतिशत रही। कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों में भी वृद्धि तीन प्रतिशत या उससे कम रही है।
नई व्यवस्था और मजदूरी का आधार
सरकार ने 21 राज्यों के लिए ₹300 प्रति दिन की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की है, जबकि अन्य राज्यों के लिए भिन्न-भिन्न दरें स्थापित की गई हैं। कर्नाटक में ₹382, केरल में ₹401 और गोवा में ₹406 प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई दरें पहले की अपेक्षा अधिक लग रही हैं क्योंकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मनरेगा मजदूरी में कोई नई वृद्धि नहीं की गई। नए कानून के तहत केंद्र सरकार को विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मजदूरी दरें तय करने का अधिकार दिया गया है, परंतु यह भी सुनिश्चित किया गया है कि नई मजदूरी पहले से लागू न्यूनतम दर से कम न हो।
