नोएडा, 28 जून 2026| रिपोर्ट:मुस्कान शाह
छिंदवाड़ा प्रसव का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें बारिश के कारण रास्ते के बंद होने और एंबुलेंस नहीं पहुँच पाने से गर्भवती महिला ने नदी पार करते समय बच्चे को जन्म दिया। यह घटना पुनः ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं की कमी को दर्शाती है।
छिंदवाड़ा प्रसव: एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा ब्लॉक में स्थित हथौड़ा हीरी गांव के लोहरी मोहल्ला में रहने वाली 35 वर्षीय महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचित किया। हालांकि, बारिश से बढ़ी नदी के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिवार और ग्रामीणों ने महिला को चारपाई पर लिटाकर नदी पार करने की कोशिश की।
छिंदवाड़ा प्रसव: रास्ते में हुआ बच्चे का जन्म
नदी पार करते हुए महिला को प्रसव पीड़ा में तेज़ी आई और उसने चारपाई पर बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने किसी तरह मां और नवजात को नदी के दूसरी तरफ पहुँचाया। एंबुलेंस का इंतज़ार करते हुए काफी समय बीतने के बाद दोनों को बाइक से अमरवाड़ा सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक मां और नवजात दोनों बिलकुल स्वस्थ हैं।
पुल और सड़क की मांग फिर तेज
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में उनका क्षेत्र दूसरे हिस्सों से अलग हो जाता है। कई बार पुल और पक्की सड़क बनाने की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी गई, परंतु अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन जोखिम सामना करना पड़ता है। यह स्थिति एक बार फिर दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को उजागर करती है।
