फ्यूल प्राइस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पंप पर बढ़े हुए रेट देखते लोग

ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने जनता की चिंता को और बढ़ा दिया है। देश में पेट्रोल और डीजल की दरों में दो सप्ताह के भीतर चौथी बार वृद्धि की गई है। इस बार पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। लगातार बढ़ते दामों के चलते दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

फ्यूल प्राइस बढ़ोतरी की बड़ी वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव हो रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ गए हैं, जिसका प्रभाव भारत में भी देखा जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियां लगातार हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं।

फ्यूल प्राइस बढ़ोतरी से बढ़ सकती है महंगाई

विश्लेषकों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर खर्च बढ़ सकता है। इसका प्रभाव निकट भविष्य में खाद्य सामग्रियों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी हो सकता है। लोगों को आशंका है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पेट्रोल की कीमतें जल्दी ही 100 रुपये से काफी अधिक हो सकती हैं।

देश के बड़े शहरों में नए रेट लागू

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे कई शहरों में नये मूल्य लागू हो चुके हैं। मुंबई में पेट्रोल का दाम 111.21 रुपये और डीजल का 97.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं होतीं, ईंधन की कीमतों में राहत मिलना कठिन नजर आ रहा है।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।