वाराणसी मजार विवाद के दौरान काशी रेलवे स्टेशन परिसर में प्रशासनिक कार्रवाई

वाराणसी मजार विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। काशी रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद अजगैब शहीद मजार और उससे संबंधित मस्जिद को प्रशासन ने देर रात हटाने की कार्रवाई की। यह निर्णय काशी मॉडल रेलवे स्टेशन परियोजना के अंतर्गत लिया गया, जिसके लिए संबंधित भूमि को मुक्त कराया जा रहा है।

वाराणसी मजार विवाद में प्रशासनिक कार्रवाई

मंगलवार की रात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया। इसके पश्चात, कड़ी सुरक्षा के बीच बुलडोजर से मजार और मस्जिद को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात थे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रह सके।

वाराणसी मजार विवाद और रेलवे का दावा

प्रशासन का कहना है कि उक्त भूमि रेलवे की संपत्ति है और इसे मॉडल स्टेशन परियोजना के लिए जरूरत है। अधिकारियों के अनुसार, भूमि पर कब्जे को लेकर मामला काफी समय से विवादित रहा है। वहीं स्थानीय पक्षों का आरोप है कि धार्मिक स्थल कई वर्षों से वहां स्थित था।

वाराणसी मजार विवाद में कोर्ट के आदेश अहम

जानकारी के मुताबिक, भूमि विवाद पिछले दो साल से अदालत में चल रहा था। हाल ही में न्यायालय के निर्णय के बाद भूमि खाली करने की प्रक्रिया को गति दी गई। नोटिस जारी करने के बाद भी जगह खाली न होने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। परियोजना के पूरा होने के बाद काशी रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।