नोएडा, 12 जून 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
भारत में एल नीनो के कारण मानसून संकट की चिंता बढ़ गई है। जापान की मौसम एजेंसी JAMSTEC ने एल नीनो की मौजूदगी की पुष्टि की है और इसे आने वाले महीनों में और भी मजबूत होने की संभावना है। एल नीनो अक्सर भारत में मानसून को प्रभावित कर कमजोर करता है और वर्षा में कमी उत्पन्न करता है।
एल नीनो मानसून संकट और बारिश का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जुलाई से Positive Indian Ocean Dipole (IOD) बनने की उम्मीद है। Positive IOD भारत की तरफ अधिक नमी लाने में सहायता करता है, जिससे एल नीनो के प्रतिकूल प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित किया जा सकता है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस वर्ष सामान्य से कम, लगभग 90 प्रतिशत वर्षा का अनुमान लगाया है।
एल नीनो से बढ़ी चिंता
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, एल नीनो सामान्यतः भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमज़ोर करता है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल मानसून का अनुमान घटाकर दीर्घकालिक औसत का 90 प्रतिशत कर दिया है। केरल में भी मानसून इस बार तीन दिन की देरी से पहुंचा, जिससे मौसम वैज्ञानिकों की चिंताएँ बढ़ गई हैं।
एल नीनो मानसून संकट का भारत पर असर
JAMSTEC के मॉडल के मुताबिक जुलाई से सितंबर के बीच भारत समेत विभिन्न देशों में सामान्य से अधिक गर्मी अनुभव की जा सकती है। जबकि उत्तर भारत में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान लगाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी महीनों में मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होगा।

