नोएडा, 1 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
नोएडा श्रमिक हिंसा केस में पुलिस ने चौथी चार्जशीट पेश कर 24 व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। इस प्रकार कुल आरोपियों की संख्या 113 हो गई है।
नोएडा श्रमिक हिंसा में चौथी चार्जशीट
नोएडा श्रमिक हिंसा प्रकरण में फेज-दो पुलिस ने रिचा ग्लोबल फैक्ट्री में हुए उपद्रव की जांच पूरी कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में चौथी आरोपपत्र पेश कर दी है। लगभग 100 पन्नों की इस आरोपपत्र में 24 लोगों को आरोपी ठहराया गया है, जिससे अब इस प्रकरण में कुल आरोपियों की संख्या 113 हो गई है। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान 25 गवाहों के बयानों और डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाया है।
नोएडा श्रमिक हिंसा में डिजिटल साक्ष्यों का दावा
पुलिस के अनुसार मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप ग्रुप, इंटरनेट मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा से आरोपियों की भूमिका के महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। जांच में यह दावा किया गया है कि 13 अप्रैल 2026 को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को उपद्रव के लिए उकसाया गया और विरोध प्रदर्शन को सुनियोजित रूप से उग्र बनाया गया। पुलिस का कहना है कि अन्य राज्यों के श्रमिकों को भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने की कोशिश की गई।
मामले की सुनवाई अब अदालत में
रिचा ग्लोबल प्रबंधन की शिकायत के अनुसार वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन बाद में हिंसक हो गया, जिसमें तोड़फोड़, सड़क जाम और सरकारी कार्य में रुकावट जैसी घटनाएं शामिल थीं। पुलिस ने कहा कि यह आंदोलन स्वाभाविक नहीं था, बल्कि एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था। बचाव पक्ष ने चार्जशीट दाखिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अदालत में सभी मामलों पर विधिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी।
