ग्रेटर नोएडा बाढ़ को लेकर यमुना किनारे प्रशासन द्वारा तैयार राहत केंद्र

ग्रेटर नोएडा में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। यमुना और हरनंदी नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों में संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सात राहत केंद्र बनाए गए हैं, जहां 3,500 से अधिक लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है।

ग्रेटर नोएडा बाढ़ की तैयारी

प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2025 में जलस्तर वृद्धि के कारण 940 परिवारों के लगभग 3,250 लोग प्रभावित हुए थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए, इस बार राहत शरणालय पहले से तैयार किए गए हैं। इन केंद्रों पर भोजन, पेयजल, अस्थायी स्कूल, पशुओं के लिए गोशाला और सामुदायिक रसोई जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

ग्रेटर नोएडा बाढ़ राहत केंद्र

प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2025 में जलस्तर वृद्धि के कारण 940 परिवारों के लगभग 3,250 लोग प्रभावित हुए थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए, इस बार राहत शरणालय पहले से तैयार किए गए हैं। इन केंद्रों पर भोजन, पेयजल, अस्थायी स्कूल, पशुओं के लिए गोशाला और सामुदायिक रसोई जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

जिलाधिकारी के आदेश पर अधिकारियों ने बाढ़ प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। राहत केंद्रों के संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा राहत प्रदान करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।