नोएडा, 16 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विद्यालयों में अब स्मार्ट क्लास के समय बच्चों के स्क्रीन उपयोग को नियंत्रित करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कक्षा 1 से 5 के छात्रों के लिए 30 मिनट और कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए 60 मिनट प्रतिदिन स्क्रीन उपयोग की सीमा निर्धारित की गई है। यह निर्णय लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बच्चों की स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में अभिभावकों की शिकायतों के बाद लिया गया है।
नोएडा स्कूलों में पारंपरिक बोर्ड के इस्तेमाल पर जोर
गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि स्मार्ट और डिजिटल बोर्ड का उपयोग आवश्यकतानुसार किया जाए। साथ ही ब्लैकबोर्ड, ग्रीनबोर्ड और व्हाइटबोर्ड के नियमित उपयोग को बनाए रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन के अनुसार, कुछ विद्यालयों में बच्चे प्रतिदिन चार से पांच घंटे डिजिटल बोर्ड के सामने बिताते थे।
नोएडा स्कूलों में पढ़ाई के तरीके पर भी जोर
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि डिजिटल बोर्ड अध्ययन में सुधार के लिए एक उपकरण है, लेकिन इसे कक्षा में संवाद और सहभागिता का स्थान नहीं बनाना चाहिए। निरंतर स्क्रीन देखना आंखों में थकान, सिरदर्द, ध्यान में कमी और मायोपिया जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है। प्रशासन ने उम्र के अनुसार स्क्रीन के उपयोग और इंटरैक्टिव पढ़ाई को महत्व देने का विचार व्यक्त किया है।
नोएडा स्कूलों के फैसले पर अभिभावकों की अलग राय
सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर ने निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि कहानी, चित्रण और अन्य कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा से अधिक सक्रिय रूप से जोड़ते हैं। वहीं, ऑल नोएडा स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि स्मार्ट बोर्ड और मोबाइल स्क्रीन में भिन्नता होती है और इस निर्णय से पहले स्कूलों और अभिभावकों के साथ बातचीत की जानी चाहिए थी।
