दिल्ली दंगा मामला: ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली दंगा मामले से संबंधित आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को जीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि जिस निर्दयता से अपराध किया गया, वह अत्यंत भयानक था, इसलिए यह मामला बहुत गंभीर श्रेणी में आता है।

दिल्ली दंगा मामला: अदालत की अहम टिप्पणी

सजा के दौरान अदालत ने कहा कि सिर्फ हत्या ही नहीं, बल्कि घटना के बाद मृत शरीर के साथ किया गया व्यवहार भी बेहद अमानवीय था। अदालत के अनुसार, हत्या के पश्चात शव को नाले में डाल दिया गया, जो अपराध की गंभीरता को और बढ़ाता है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर कुछ हालात उनके पक्ष में रियायत देने वाली थीं, इसलिए मृत्युदंड के बजाय जीवन कारावास की सजा दी गई।

दिल्ली दंगा मामला: क्या था पूरा घटनाक्रम

चार्जशीट के अनुसार, फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान आईबी में सुरक्षा सहायक के रूप में कार्यरत 26 वर्षीय अंकित शर्मा तनाव कम करने के लिए आए थे। आरोप है कि इसी बीच भीड़ ने उन्हें घेर लिया और धारदार हथियारों, डंडों, लोहे की रॉड और पत्थरों से उन पर हमला किया। बाद में उनका शव पास के नाले से मिला, जिस पर लगभग 51 घाव पाए गए थे।

दिल्ली दंगा मामला: बचाव पक्ष और आगे की कानूनी प्रक्रिया

ताहिर हुसैन के वकील ने न्यायालय में तर्क रखा कि उनके मुवक्किल सीधे तौर पर हत्या में नहीं जुड़े थे और केवल भीड़ का हिस्सा थे। बचाव पक्ष ने निर्णय को चुनौती देने की बात करते हुए कहा कि हाई कोर्ट में जल्द अपील की जाएगी। वहीं, फैसले के बाद दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी।