नोएडा, 2 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
नोएडा ट्यूबवेल दुर्घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। चार साल के बच्चे की मृत्यु के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
नोएडा ट्यूबवेल हादसा: कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
नोएडा ट्यूबवेल दुर्घटना सेक्टर-122 में स्थित प्राधिकरण के ट्यूबवेल परिसर में हुई, जहां खेलते समय चार वर्षीय फिरोज आलम उर्फ गोलू लगभग चार फीट गहरी पानी से भरी हौदी में गिर गया। बताया गया है कि बच्चा ट्यूबवेल के पाइप के निकट हाथ धोने का प्रयास कर रहा था, तभी उसका संतुलन खो गया और वह हौदी में गिर गया। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।
नोएडा ट्यूबवेल हादसा: परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के पिता शिराजुद्दीन आलम, जो प्राधिकरण के उद्यान विभाग में श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सेक्टर-122 की झुग्गियों में निवास करते हैं। जब काफी देर तक बच्चा नहीं मिला, तो परिवार ने उसकी खोजबीन प्रारंभ की। ट्यूबवेल परिसर के हौदी में बच्चे का सिर दिखने पर पिता ने उसे बाहर निकाला और बचाने की कोशिश की, यहां तक कि उसने कृत्रिम सांस भी दी, लेकिन उस समय तक बच्चा मृत हो चुका था। सूचना के आधार पर पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं और बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया।
नोएडा ट्यूबवेल हादसा: अधिकारियों पर FIR, जांच जारी
बच्चे के पिता की शिकायत पर सेक्टर-113 थाना पुलिस ने प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्राधिकरण ने कहा कि संबंधित कामगार ने अपनी चूक स्वीकार की है और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
