नोएडा, 2 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
राज ठाकरे के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता राज ठाकरे ने अभिनेता विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन पर टिप्पणी करते हुए सवाल उठा कि यदि उन्हें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास पर इतना विश्वास है, तो वे अपने परिवार के साथ दुबई में क्यों निवास कर रहे हैं।
मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि देश के अनेक उद्योगपति भी भारत छोड़कर विदेशी धरती पर जा चुके हैं। उन्होंने विवेक ओबेरॉय का नाम लिया और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर बनी फिल्म में उनकी भूमिका अदा की थी, जबकि आर. माधवन भी विभिन्न अवसरों पर सरकार की प्रशंसा करते रहे हैं। फिर भी, दोनों का दुबई में निवास कई प्रश्न उत्पन्न करता है।
राज ठाकरे बयान में कलाकारों और राजनीति का जिक्र
राज ठाकरे ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार सरकारी सहायता वाली फिल्मों में काम करने के बाद विदेश चले जाते हैं। हालांकि, पूर्व में दिए गए बयानों में आर. माधवन ने कहा था कि उन्होंने अपने बेटे के तैराकी करियर के लिए कोविड-19 के दौरान दुबई में रहने का निर्णय लिया था। वहीं, विवेक ओबेरॉय ने कहा था कि वह अपने व्यवसाय के विस्तार की वजह से दुबई गए थे।
राज ठाकरे बयान: CJP प्रदर्शन और ट्रोल संस्कृति पर भी बोले
अपने बोलने के दौरान राज ठाकरे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अस्वीकार्य भाषा को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक अंतर में संयमित भाषा का उपयोग होना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों को ऐसी भाषा से दूर रहना चाहिए। राज ठाकरे के अनुसार, NEET पेपर लीक केवल विरोध प्रदर्शनों की शुरूआत का कारण बना, जबकि जनता की लंबे समय से चली आ रही नाखुशी ने इस आंदोलन को व्यापक समर्थन प्रदान किया।
