नोएडा, 7 अक्टूबर 2026 | रिपोर्ट: विधि राघव
नोएडा स्कूल बोर्ड को लेकर ग्राम विकास संगठन ने प्राधिकरण के सामने सवाल उठाए हैं। संगठन का दावा है कि 2015 में निर्देश के बावजूद प्राधिकरण की जमीन पर चल रहे स्कूलों और अस्पतालों के बाहर सुविधा संबंधी 10×15 फीट के बोर्ड नहीं लगाए गए।
नोएडा स्कूल बोर्ड की जानकारी क्यों जरूरी?
संगठन के अनुसार, इन बोर्डों पर लीज डीड के तहत किसानों, ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी होनी चाहिए, ताकि पात्र परिवार अपने अधिकार जान सकें।
नोएडा स्कूल बोर्ड को लेकर 157 स्कूलों की मांग
संगठन ने प्राधिकरण से 157 स्कूलों को नोटिस जारी कर लीज डीड की शर्तों के पालन की जांच कराने की मांग की है। साथ ही किसानों और कमजोर वर्ग के बच्चों के दाखिले से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की मांग उठाई गई है।
नोएडा स्कूल बोर्ड पर अब प्राधिकरण की कार्रवाई का इंतजार
प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के सामने मुद्दा रखा। संगठन के मुताबिक, समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। अब देखना होगा कि बोर्ड लगाने और अनुपालन की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।
