नोएडा, 14 अक्बटूबर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 स्थित ग्रीनसिटी अस्पताल में बच्चे के इलाज को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सचिन बिधूड़ी का आरोप है कि तेज बुखार से पीड़ित उनके बेटे को अस्पताल में किडनी की गंभीर समस्या बताकर डायलिसिस कराने की सलाह दी गई, जबकि बाद में दूसरे अस्पताल में जांच के दौरान टाइफाइड की जानकारी मिली। मामले में अदालत के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने ग्रीनसिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक और एक अन्य पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा अस्पताल केस में मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल
शिकायत के मुताबिक, घटना 20 सितंबर 2025 की है। बच्चे को तेज बुखार आने पर परिजन उसे ग्रीनसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के बाद बच्चे को किडनी संबंधी गंभीर समस्या बताई गई और डायलिसिस की सलाह दी गई। साथ ही, इलाज के लिए बड़ी रकम मांगने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद परिजन बच्चे को कैलाश अस्पताल ले गए, जहां दोबारा जांच कराने पर उसे टाइफाइड से पीड़ित बताया गया। मेडिकल रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी और बीमारी के गलत आकलन के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रेटर नोएडा अस्पताल केस में BNS की धाराओं में मुकदमा
अदालत के आदेश पर दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 125 शामिल हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपचार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। इसमें मेडिकल रिकॉर्ड, दोनों अस्पतालों की जांच रिपोर्ट और डॉक्टरों की चिकित्सकीय राय महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से पक्ष या प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
ग्रेटर नोएडा अस्पताल केस में जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
यह मामला मरीज की बीमारी के सही आकलन, मेडिकल जांच और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाता है। शिकायतकर्ता ने इलाज में कथित लापरवाही और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, FIR दर्ज होना आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस जांच और संबंधित मेडिकल दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज की प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं। फिलहाल मामले में कानूनी जांच जारी है।

