नोएडा, 06 मई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी इस्तीफा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव में हार के बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह जनमत नहीं बल्कि साजिश का नतीजा है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
ममता बनर्जी इस्तीफा विवाद में बयान
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनकी पार्टी की हार जनहित के निर्णय से नहीं हुई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतगणना पर संदेह जताया, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि कई सीटों पर जनादेश “चुराया” गया। उनके मुताबिक, इस्तीफा देने का कोई सवाल नहीं उठता।
ममता बनर्जी इस्तीफा विवाद और कानून
संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार, मुख्यमंत्री तब तक कार्यरत रह सकता है जब तक उसे विधानसभा का बहुमत प्राप्त हो। बहुमत खो जाने पर सरकार संवैधानिक रूप से नहीं चल सकती, ऐसे में केवल इस्तीफा नहीं देने से पद पर बने रहना संभव नहीं है।
आगे क्या होगा?
चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ है और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल संविधान के तहत कार्यवाही कर सकते हैं, जिससे नई सरकार की स्थापना की दिशा में आसानी होगी। ममता बनर्जी का कार्यकाल 7 मई को समाप्त होगा।
