नोएडा, 5 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
दिल्ली E20 प्रदर्शन के संदर्भ में जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। आयोजकों का कहना है कि पुलिस ने मौखिक स्वीकृति दी, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों की संख्या 200 तक सीमित रखने की शर्त रखी।
दिल्ली E20 प्रदर्शन से पहले बढ़ा विवाद
दिल्ली में E20 प्रदर्शन रविवार को जंतर-मंतर पर निर्धारित है, जहां ‘टीम भारत’ के बैनर तले E20 पेट्रोल नीति के कार्यान्वयन के खिलाफ विरोध किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की मौखिक अनुमति दी है, लेकिन इसमें अधिकतम 200 लोगों की भागीदारी की शर्त रखी गई है। टीम भारत का कहना है कि उनका विरोध एथेनॉल के खिलाफ नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को विकल्प न मिलने के मुद्दे पर केंद्रित है।
दिल्ली E20 प्रदर्शन पर आयोजकों की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के आयोजक तहसीन पूनावाला ने पुलिस की इस शर्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने यह भी सूचित किया कि यदि प्रदर्शन को रोकने की कोशिश हुई, तो आंदोलन को अन्य स्थान पर जारी रखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार द्वारा समर्थित विशेषज्ञों के बयानों पर अपनी राय व्यक्त करेंगे।
E20 नीति पर दोनों पक्षों के अलग-अलग तर्क
टीम भारत के अन्य सदस्यों का मानना है कि वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी के लिए उपयुक्त ईंधन चुनने की आज़ादी होनी चाहिए। उनका तर्क है कि पुराने वाहनों पर E20 के प्रभाव को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सरकार की नीति का समर्थन करते हुए कहा कि E20 पेट्रोल पर कई वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण किए गए हैं और इसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना और किसानों को लाभ पहुँचाना है। इस प्रकार, यह मुद्दा अब सार्वजनिक बहस का मुख्य विषय बनता जा रहा है।
