नोएडा, 24 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्रीय सरकार के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक लगभग दो घंटे चली, जिसके बाद CJP ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी असमझौतावादी मांग है। संगठन के अनुसार, सरकार ने इस मांग पर निर्णय लेने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: दो मांगों पर मिली सैद्धांतिक सहमति
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने NEET से संबंधित आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये तक मुआवजे पर विचार और आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज कानून संबंधी मामलों को वापस लेने की मांग पर सिद्धांत रूप में सहमति दी है। हालांकि, संगठन का कहना है कि आंदोलन का मुख्य मुद्दा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: कल होगी तीसरे दौर की वार्ता
बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। जेपी नड्डा ने वार्ता को सकारात्मक बताया और कहा कि शनिवार को दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की बैठक होगी। इस बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले नए विधेयक को भी स्वीकृति दे दी है। अब सभी की निगाहें शनिवार की बैठक पर हैं, जहां इस विवाद का आगे का रास्ता तय हो सकता है।
