ग्रेटर नोएडा किसान महापंचायत में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर जुटे हजारों किसान।

ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन फिर से सक्रिय हो गया है। किसानों ने लंबित आबादी मामलों, 10% विकसित भूमि और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्राधिकरण कार्यालय पर महापंचायत का आयोजन किया।

ग्रेटर नोएडा किसान महापंचायत में उठीं बड़ी मांगें

ग्रेटर नोएडा किसान आंदोलन ने शुक्रवार को एक बार फिर गति पकड़ी। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान जनपथ गोलचक्कर से पैदल चलते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और महापंचायत का आयोजन किया। पंचायत में बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं। किसान सभा, किसान एकता संघ और किसान परिषद के प्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। किसानों ने लंबित आबादी मामलों के निस्तारण, उचित मुआवजे और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड देने की मांग को फिर से उठाया।

ग्रेटर नोएडा किसान बोले- अब तक पूरे नहीं हुए वादे

किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा का कहना है कि वर्ष 2023-24 के आंदोलन के बाद प्रशासन ने कई वादे किए थे, लेकिन अभी तक अधिकांश मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उनके अनुसार, नोएडा में लगभग 3800, यीडा क्षेत्र में 800 और ग्रेटर नोएडा में 854 आबादी के मामले अभी भी अनसुलझे हैं। एक लाख से ज्यादा किसान 10 प्रतिशत विकसित भूमि के अधिकार से वंचित बताए जा रहे हैं।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महापंचायत में किसानों ने रिवाइज सर्किल रेट, समय पर मुआवजा और लंबित मामलों के तत्काल निष्कर्ष की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि 10 प्रतिशत विकसित भूमि का प्रस्ताव पहले ही बोर्ड मीटिंग से अनुमोदित होकर शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


simran-singh-jan-naad-reporter

By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।