ग्रेटर नोएडा SIR विवाद: सपा का बड़ा ऐलान, 2 से 8 अक्टूबर तक चलेगा ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’
ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। स्वर्ण नगरी प्रेस क्लब में पार्टी की प्रेस वार्ता आयोजित हुई। जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाए। राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ की घोषणा की। सपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े फैसले तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए। ग्रेटर नोएडा SIR विवाद के बीच मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

ग्रेटर नोएडा SIR विवाद: स्वर्ण नगरी प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता और लोकतंत्र बचाओ सप्ताह का ऐलान

ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी की गौतमबुद्ध नगर इकाई ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। पार्टी का दावा है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया से नागरिकों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये आरोप सपा की ओर से लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हैं।

ग्रेटर नोएडा SIR विवाद में विरोध का ऐलान

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने घोषणा की कि पार्टी 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाएगी। इस दौरान SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे जनता के बीच उठाए जाएंगे। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग भी की है। नेताओं के मुताबिक, अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन और कुछ स्थानों पर पुतला दहन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा SIR विवाद में विरोध का ऐलान

सपा नेताओं ने आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ निर्णयों को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्तियां दर्ज की थीं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने कहा कि SIR से संबंधित आदेश और कार्यक्रम तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने यह भी बताया कि भविष्य की बैठकों में एजेंडा पहले साझा किया जाएगा और बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा SIR विवाद से राजनीतिक बहस तेज

मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। सपा का कहना है कि उसके अभियान का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाना है। ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के दौरान पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच यह मुद्दा उठाएगी। अब अभियान के तहत होने वाले विरोध कार्यक्रमों और निर्वाचन आयोग की आगे की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।