नोएडा, 04 अक्टूबर 2026 | रिपोर्ट: विधि राघव
भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ऐसी घटना हुई, जिसमें 174 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। बताया गया कि विमान के टेक-ऑफ के बाद करीब 33,000 फीट की ऊंचाई पर को-पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
ग्रेटर नोएडा पायलट पर कॉकपिट में हमला
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थिति की जानकारी देने के लिए स्मित मछार ने पहले 7700 और फिर 7500 स्क्वॉक कोड भेजे। ये कोड आपात स्थिति और विमान के संभावित हाईजैक जैसी परिस्थितियों में इस्तेमाल किए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पायलट की बहादुरी की सराहना की। हालांकि, घटना के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ग्रेटर नोएडा पायलट ने 30 सेकंड में संभाली स्थिति
रिपोर्ट में दावा किया गया कि विमान महज 30 सेकंड में 33,000 फीट से गिरकर 17,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। ऐसी गंभीर स्थिति में भी पायलट ने विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रखी। घटना ने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
ग्रेटर नोएडा पायलट ने भेजे इमरजेंसी कोड
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थिति की जानकारी देने के लिए स्मित मछार ने पहले 7700 और फिर 7500 स्क्वॉक कोड भेजे। ये कोड आपात स्थिति और विमान के संभावित हाईजैक जैसी परिस्थितियों में इस्तेमाल किए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पायलट की बहादुरी की सराहना की। हालांकि, घटना के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
