जेवर एयरपोर्ट पर ब्रिक्स समिट से पहले पहुंचे रूस के तीन मिलिट्री विमान

जेवर एयरपोर्ट पर रूस के तीन मिलिट्री विमान पहुंचने के बाद सुरक्षा और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक 18वां ब्रिक्स सम्मेलन प्रस्तावित है, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन समेत कई देशों के प्रमुख शामिल होंगे। पुतिन के भारत दौरे से पहले रूसी विमानों के पहुंचने को तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट क्यों चुना गया?

रूसी विमान सामान्य यात्री विमान नहीं, बल्कि सैन्य परिवहन विमान बताए गए हैं। इनमें आईएल-76 भी शामिल था। ऐसे विमानों के साथ आने वाली एडवांस टीम, सुरक्षा अधिकारियों, उपकरणों और लॉजिस्टिक व्यवस्था के लिए अलग प्रबंधन की जरूरत होती है। बताया गया है कि विमानों को जेवर में पार्क किया गया और रूसी तथा भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।

जेवर एयरपोर्ट पर पहली बार विदेशी विमान

दी गई जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर पहली बार किसी विदेशी विमान की लैंडिंग हुई है। रूसी एडवांस टीम के पहुंचने से इस नए एयरपोर्ट की सुरक्षा और संचालन क्षमता भी चर्चा में आ गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को देखते हुए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में बड़ी संख्या में वीवीआईपी और विशेष विमान आने की संभावना है। इसी बीच आईजीआई एयरपोर्ट पर सामान्य अंतरराष्ट्रीय यातायात के साथ वीवीआईपी मूवमेंट भी रहेगा। ऐसे में रूसी सैन्य विमानों के लिए जेवर एयरपोर्ट का इस्तेमाल परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।