नोएडा, 11 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: मुस्कान शाह
झारखंड बंद की घोषणा भारतीय जनता पार्टी ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ की है। JPSC और JSSC के उम्मीदवारों के विधानसभा घेराव मार्च में पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किए गए अन्याय और भर्ती प्रक्रिया में खामियों के खिलाफ पार्टी उनके समर्थन में सड़क पर उतरेगी।
झारखंड बंद: छात्रों की क्या हैं मांगें?
रांची में प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर छात्रों की मांगों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि सरकार CBI जांच की मांग को स्वीकार कर लेती तो छात्रों को विधानसभा तक मार्च करने की आवश्यकता नहीं होती।
पुलिस कार्रवाई पर सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के अपने विचार व्यक्त करने के अधिकार को मानती है और उनकी मांगों का समाधान वार्ता के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को सावधानी और जिम्मेदारी से करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, रांची के DC और SSP ने भी स्थिति पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
स्कूलों पर भी बंद का असर
राज्यव्यापी झारखंड बंद को ध्यान में रखते हुए रांची प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी है। प्रशासन के अनुसार कई स्कूलों ने एहतियात के तौर पर बंद रखने का फैसला किया है। अब बंद के दौरान राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर इसके प्रभाव पर ध्यान दिया जाएगा।
