नोएडा, 26 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
नोएडा डीएम मेधा रूपम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत भेजे जाने की बात सामने आई है। शिकायत में आधिकारिक संवाद और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। राज्यमंत्री का दावा है कि सरकारी कार्यों के सिलसिले में फोन किए जाने पर कथित तौर पर कॉल रिसीव नहीं होती और बाद में संपर्क भी नहीं किया जाता। उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों की सूचना और निमंत्रण में भी अपेक्षित प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने की बात कही है।
नोएडा डीएम के पुराने कार्यकाल का भी जिक्र
शिकायत में राज्यमंत्री ने अपने पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, जब वह हापुड़ के प्रभारी मंत्री थे, उस समय मेधा रूपम वहां जिलाधिकारी थीं और तब भी उन्हें आधिकारिक संवाद को लेकर ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। शिकायत सामने आने के बाद मामला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा में है।
नोएडा डीएम और आकृति चौधरी NSA मामला
मेधा रूपम हाल में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की NSA हिरासत से जुड़े मामले को लेकर भी न्यायिक चर्चा में रही हैं। 2 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति की NSA हिरासत रद्द करते हुए ₹5 लाख मुआवजे का निर्देश दिया था और अधिकारियों की भूमिका पर टिप्पणियां की थीं। इसके बाद मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
नोएडा डीएम मामले में सुप्रीम कोर्ट की स्थिति
24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम रोक हाईकोर्ट की टिप्पणियों और मुआवजे की वसूली संबंधी निर्देश तक सीमित है। आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर यह रोक लागू नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को सूचीबद्ध की गई है। इस तरह मेधा रूपम से जुड़े दोनों मामले अलग-अलग हैं—एक राज्यमंत्री की शिकायत है, जबकि दूसरा न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित मामला है।
