नोएडा फुटपाथ पर EV चार्जिंग प्वाइंट से राहगीरों को परेशानी

नोएडा के फुटपाथ पर स्थापित EV चार्जिंग प्वाइंट अब पैदल यात्री के लिए समस्या उत्पन्न कर रहे हैं। कई स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट के कारण राहगीरों के लिए चलने की जगह घट गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए हैं और वहां अतिक्रमण नहीं किया जा सकता।
नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता कर फुटपाथों पर ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने की अनुमति दी है। हालांकि, कई जगहों पर स्थापित प्वाइंट अब जल चुकी हैं। 2019 में नोएडा प्राधिकरण और ईईएसएल को 169 चार्जिंग प्वाइंट विकसित करने थे, लेकिन कंपनी ने केवल 35 प्वाइंट लगाए और ये सभी फुटपाथ पर स्थित हैं। अब नए समझौते के तहत 13 बैटरी स्वैपिंग प्वाइंट बनाए जाने हैं, जिनमें से छह फुटपाथ पर तैयार हो चुके हैं।

नोएडा फुटपाथ पर EV चार्जिंग प्वाइंट का विस्तार

नोएडा प्राधिकरण की योजना 100 नए चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की है। ऐसे में फुटपाथ के उपयोग और पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। सेक्टर-59 में वेंडिंग जोन के निकट स्थित चार्जिंग प्वाइंट लंबे समय से खराब पड़ा है। सेक्टर-3 में फुटपाथ पर बने प्वाइंट के कारण करीब 25 हजार से अधिक कर्मचारियों के आवागमन प्रभावित हो रहा है।
सेक्टर-61 में शाप्रिक्स मॉल के सामने वर्षों पहले स्थापित चार्जिंग प्वाइंट अब खराब है और यह पैदल मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रहा है। वहीं, सेक्टर-16 में नाले के ऊपर बनाया गया चार्जिंग प्वाइंट है, जहां वाहनों की पार्किंग का भी प्रावधान है। सेक्टर-18 जैसे व्यस्त बाजार में होटल के बाहर फुटपाथ पर चार्जिंग प्वाइंट लगाने से पैदल यातायात पर असर पड़ रहा है। खराब पड़े चार्जिंग प्वाइंट और फुटपाथ पर बढ़ती अतिक्रमण की स्थिति राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल पैदा कर रही है।

सेक्टर-3 और सेक्टर-16 में बढ़ी दिक्कत

सेक्टर-3 में सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन के निकट कई कंपनियां और औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं, जहां 25 हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। फुटपाथ पर चार्जिंग प्वाइंट होने के कारण यहां पैदल चलने में कठिनाई हो रही है। बारिश के समय इन प्वाइंट के आसपास सुरक्षा खतरे बढ़ सकते हैं। इसका उत्तरदायित्व नोएडा प्राधिकरण का है।
सेक्टर-18 में होटल के सामने फुटपाथ पर चार्जिंग प्वाइंट होने से सुबह और शाम के व्यस्त समय में यात्रियों को मुश्किल होती है। वहीं, सेक्टर-61 में शाप्रिक्स मॉल के बाहर लगभग छह साल पहले स्थापित प्वाइंट लंबे समय से कार्यरत नहीं है। सेक्टर-16 में नाले के ऊपर बने चार्जिंग प्वाइंट के आस-पास गाड़ियों की पार्किंग भी होती है, जिससे चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग के दौरान संभावित दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।