नोएडा ग्रीन फ्यूल प्रोजेक्ट में कचरे से गैस बनाने वाला CBG प्लांट

नोएडा में नोएडा ग्रीन फ्यूल को प्रोत्साहित करने के लिए प्राधिकरण और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस परियोजना के तहत 300 टीडीपी की क्षमता वाला कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो शहर के जैविक कचरे से स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करेगा। यह कदम केवल कचरा प्रबंधन को सुधारने वाला नहीं है, बल्कि यह शहर को सस्टेनेबल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी माना जाता है।

नोएडा ग्रीन फ्यूल से मिलेगा स्वच्छ ऊर्जा समाधान

इस नोएडा ग्रीन फ्यूल प्रोजेक्ट के तहत ऑर्गेनिक कचरे को प्रोसेस कर कम्प्रेस्ड बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग वाहन ईंधन और घरेलू गैस के रूप में किया जा सकेगा। इसके साथ ही बायो-मैन्योर के रूप में जैविक खाद भी तैयार होगी, जो कृषि और हरित विकास में सहायक होगी। इससे कचरे का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो पाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेगा नोएडा ग्रीन फ्यूल

प्राधिकरण के अनुसार, यह प्रोजेक्ट लैंडफिल साइटों पर निर्भरता को घटाएगा और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को भी कम करेगा। इससे शहर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण होगा और स्वच्छ पर्यावरण को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, यह पहल सर्कुलर इकोनॉमी को सशक्त बनाते हुए कचरे को संसाधन में बदलने का उदाहरण पेश करेगी।

प्रोजेक्ट के विकास की जिम्मेदारी IGL पर

इस नोएडा ग्रीन फ्यूल योजना के अंतर्गत प्राधिकरण परियोजना के लिए भूमि और कचरे की उपलब्धि सुनिश्चित करेगा, जबकि IGL इसके निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी ली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना नोएडा को जीरो-वेस्ट सिटी बनाने के लक्ष्य के निकट ले जाएगी और भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।