नोएडा, 9 जून 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
नोएडा में मानसून की दस्तक से पहले ही जलभराव का खतरा गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। शहर के कई नाले गाद, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से भरे हुए हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। सेक्टरों में रहने वाले लोग संभावित जलभराव को लेकर परेशान हैं।
नोएडा जलभराव के पीछे चोक नालों की बड़ी वजह
सेक्टर-11, 12, 22, 27, 73, 74, 76, 83 और 115 सहित कई क्षेत्रों में नालों की सफाई अधूरी नजर आ रही है। कई स्थलों पर नालों में जमा कूड़ा और गाद जल निकासी में रुकावट पैदा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई का कार्य देरी से शुरू हुआ और कई जगहों पर निकाला गया कचरा भी नालों के आसपास ही छोड़ा गया।
नागरिक लापरवाही भी बनी समस्या
विशेषज्ञों और सफाई कर्मियों के अनुसार नालों से बड़ी संख्या में पॉलीथीन, डायपर, सैनिटरी पैड और घरेलू कचरा निकल रहा है। यह स्थिति केवल प्रशासन की कमी नहीं बल्कि नागरिकों की लापरवाही को भी दर्शाती है। बारिश के दौरान यही कचरा फिर से नालों में पहुंचकर नोएडा में जलभराव की समस्या को और बढ़ा सकता है।
बदबू और मच्छरों का भी बढ़ा खतरा
चोक नाले सिर्फ जलभराव नहीं पैदा करते, बल्कि कई जगहों पर बदबू, मच्छरों और चूहों की समस्या भी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पूर्व व्यापक सफाई और निगरानी जरूरी है ताकि शहर को जलभराव और स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखा जा सके।
