नोएडा, 21 मई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
भीषण गर्मी के बीच नोएडा में मटके की मांग इस बार काफी बढ़ गई है। शहर के सेक्टर-62, सेक्टर-18, भंगेल, बरौला और सलारपुर जैसे कई क्षेत्रों में मिट्टी के मटकों की दुकानों पर भीड़ दिखाई दे रही है। लोग अब फ्रिज के बर्फ़ीले पानी की तुलना में मटके का प्राकृतिक ठंडा पानी अधिक पसंद कर रहे हैं।
नोएडा मटका डिमांड में 50% तक बढ़ोतरी
दुकानदारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के कारण पिछले कुछ दिनों में बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। जहां पहले रोज 10 से 15 मटके बिकते थे, अब 35 से 50 मटकों की बिक्री हो रही है। बड़े मटकों की मांग सबसे अधिक बताई जा रही है। हालांकि मिट्टी, मजदूरी और परिवहन खर्च में वृद्धि से कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
नोएडा मटका डिमांड के पीछे स्वास्थ्य कारण
लोग मानते हैं कि मटके का पानी गले और पाचन के लिए अधिक सुरक्षित होता है। मिट्टी के बर्तन पानी को स्वाभाविक तरीके से ठंडा रखते हैं और इसमें किसी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि मटके का पानी शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और गर्मी से रक्षा में भी सहायक होता है।
देसी अंदाज फिर बन रहा लोगों की पसंद
मटकों के साथ मिट्टी की सुराही, बोतल, गुल्लक और गमलों की मांग में वृद्धि हुई है। दुकानदारों का मानना है कि लोग अब सिर्फ जरूरत के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी ध्यान में रखते हुए मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं। बढ़ती गर्मी के बीच नोएडा में मटकों की मांग शहर में देसी संस्कृति की वापसी का संकेत देती दिखाई दे रही है।
