नोएडा, 18 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
नोएडा के सेक्टर-120 में कथित अवैध वेंडरों को हटाने की कार्रवाई के बाद नोएडा वेंडिंग विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्राधिकरण के एक कर्मचारी पर वेंडरों से कथित पैसे मांगने के आरोप लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। वहीं वर्क सर्किल-6 के सर्किल मैनेजर मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि कार्रवाई स्थानीय निवासियों और एओए से मिली शिकायतों के आधार पर की गई थी।
नोएडा वेंडिंग विवाद में यातायात का मुद्दा
मनोज कुमार शुक्ला के अनुसार, सेक्टर-120 में सड़क किनारे बड़ी संख्या में ठेलियां लगने से वाहनों की पार्किंग बढ़ रही थी और यातायात प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही थीं। आपात स्थिति में एंबुलेंस के आवागमन में भी परेशानी की बात सामने आई थी। प्रबंधक के मुताबिक, करीब चार-पांच महीने पहले लगभग 50 कथित अवैध वेंडरों को हटाया गया था, जबकि निर्धारित वेंडिंग जोन में करीब 15 वैध वेंडर हैं।
नोएडा वेंडिंग विवाद में 15 सितंबर की कार्रवाई
प्राधिकरण के मुताबिक, हटाए गए स्थानों पर दोबारा ठेलियां लगने के बाद अभियान चलाया गया। 15 सितंबर को सेक्टर-119 और सेक्टर-120 के बीच सड़क सहित दोनों स्थानों से कई कथित अवैध ठेलियां हटाई गईं। प्रबंधक का कहना है कि बाद में कुछ वेंडरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोग हट गए।
नोएडा वेंडिंग विवाद में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
घटना के बाद कुछ वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। प्रबंधक ने कुछ वेंडरों और टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य अमरजीत पर भी आरोप लगाए हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। अमरजीत का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्राधिकरण के दावे और सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को अलग-अलग रखते हुए आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वतंत्र जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
