नोएडा, 29 मई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
देश में बढ़ती नकदी की आवश्यकता के बीच भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने प्लास्टिक मुद्रा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खबरों के अनुसार, RBI अब कागज के नोटों के स्थान पर प्लास्टिक या पॉलिमर नोटों को लागू करने पर विचार कर रहा है। यह माना जा रहा है कि जल्दी ही इसका पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा सकता है।
प्लास्टिक करंसी क्यों ला रहा है RBI?
विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक मुद्रा कागज के नोटों से अधिक स्थायी होती है। इनका जीवनकाल लगभग 15 वर्ष तक होता है और ये जल्दी खराब नहीं होते। RBI का मानना है कि इससे नोट छापने की लागत में कमी आ सकती है और जाली नोटों पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी।
प्लास्टिक करंसी वाले देशों में भारतीय रुपए की वैल्यू
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ब्रुनेई जैसे कई देशों में पहले से प्लास्टिक मुद्रा का उपयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 500 रुपए ऑस्ट्रेलिया में लगभग 7.34 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, ब्रिटेन में 3.92 पाउंड और न्यूजीलैंड में लगभग 8.82 न्यूजीलैंड डॉलर के बराबर बनते हैं।
भारत में कब शुरू होगी प्लास्टिक करंसी?
अभी तक RBI ने आधिकारिक लॉन्च तिथि का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, बोर्ड की बैठकों में इस विषय पर बातचीत होने की जानकारी मिली है। यदि यह योजना लागू होती है, तो भारत में करेंसी के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है।
