नोएडा, 23 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
देशभर के किसानों के विरोध प्रदर्शनों के बीच शंभू बॉर्डर किसान आंदोलन एक बार फिर सजीव चर्चा का विषय बना। पंजाब से दिल्ली की ओर बढ़ते सैकड़ों किसानों को मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक लिया। किसान संगठनों का कहना था कि वे प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे।
शंभू बॉर्डर किसान आंदोलन: बैरिकेडिंग पर किसानों का विरोध
शंभू बॉर्डर पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई, जिससे किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। किसान नेताओं ने यह आरोप लगाया कि उन्हें शांति से दिल्ली पहुंचने का लोकतंत्रिक अधिकार छिन लिया गया। किसानों ने सीमा पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और पंजाब व हरियाणा सरकारों की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
शंभू बॉर्डर किसान आंदोलन: आश्वासन के बाद बदला फैसला
बाद में हरियाणा सरकार के द्वारा गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात कराने का आश्वासन मिलने के बाद किसान लौट गए। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होता है तो आगे की योजना बनाई जाएगी।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जताई चिंता
किसान संगठनों का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। नेताओं का दावा है कि सस्ते अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के भारतीय बाजार में प्रवेश से छोटे तथा सीमांत किसानों की जीविका पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि समझौते से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और सभी संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा की जाए।
