नोएडा, 23 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
ग्रेटर नोएडा में तिलपता-दादरी एलीवेटेड रोड परियोजना को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। करीब चार किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रोड का निर्माण अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण खुद कराने की तैयारी में है। पहले परियोजना से जुड़ी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सेतु निगम को दी गई थी। प्राधिकरण ने अब यह काम वापस लेने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी।
तिलपता-दादरी एलीवेटेड रोड की नई DPR
प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के अनुसार, नई डीपीआर आईआईटी रुड़की से तैयार कराने की तैयारी है। इसमें सड़क की लंबाई, संरचना, प्रवेश और निकास बिंदु, यातायात प्रबंधन तथा भविष्य की जरूरतों का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा। पहले सेतु निगम को डीपीआर के लिए करीब 35 लाख रुपये दिए गए थे। अब प्राधिकरण ने यह राशि वापस लेने के लिए पत्र भेजा है। नई डीपीआर के आधार पर परियोजना की तकनीकी और वित्तीय रूपरेखा तय होगी।
तिलपता-दादरी एलीवेटेड रोड से ट्रैफिक राहत की उम्मीद
तिलपता-दादरी मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में निजी और भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। औद्योगिक क्षेत्रों और कंटेनर डिपो के कारण भी इस रास्ते पर ट्रैफिक दबाव बढ़ता है। करीब डेढ़ लाख निजी वाहनों के रोजाना गुजरने का दावा किया गया है। पीक आवर में जाम की स्थिति के साथ बारिश के दौरान जलभराव भी यातायात को प्रभावित करता है। प्रस्तावित एलीवेटेड रोड से इस मार्ग पर आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
तिलपता-दादरी एलीवेटेड रोड में आगे क्या होगा
नई डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के निर्माण से जुड़े अगले कदम तय किए जाएंगे। इसमें यातायात दबाव के साथ ड्रेनेज और जलभराव की समस्या का तकनीकी अध्ययन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा परियोजना की जिम्मेदारी स्वयं संभालने के बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, फिलहाल परियोजना निर्माण के चरण में नहीं पहुंची है और आगे की प्रक्रिया नई डीपीआर तथा संबंधित तकनीकी एवं वित्तीय निर्णयों पर निर्भर करेगी।
