नोएडा, 30 मई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
उत्तर प्रदेश में नोएडा की बिजली दरों में वृद्धि और नए नियमों के कारण उपभोक्ताओं की नाराजगी बढ़ने लगी है। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय (दीपक शर्मा) ने बिजली विभाग की नई नीतियों को आम जनता के लिए परेशानी उत्पन्न करने वाला बताया है। उनका मानना है कि हालिया निर्णयों से घरेलू उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाला गया है।
नोएडा बिजली दरें: 10% बढ़ोतरी पर सवाल
आरडब्ल्यूए द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिजली दरों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि से पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि बढ़े हुए बिजली बिलों का प्रत्यक्ष प्रभाव परिवारों और छोटे व्यवसायियों के मासिक बजट पर होगा।
नोएडा बिजली दरें और नया ‘अफोर्डेबल चार्ज’
विज्ञप्ति में नए बिजली कनेक्शन पर लागू ‘अफोर्डेबल चार्ज’ की आलोचना की गई है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि इस शुल्क के चलते नए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बन रहा है। संगठन ने इसे आम जनता के हितों के विरुद्ध करार दिया है।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष ने सरकार और बिजली विभाग से इन फैसलों पर विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को जनता के लिए और अधिक सुलभ और किफायती बनाना चाहिए। इस समय इस विषय पर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेजी से बढ़ी है।
