गाजियाबाद दहेज हत्या केस में अदालत द्वारा दोषी पति को सजा सुनाते हुए

गाजियाबाद में प्रसिद्ध गाजियाबाद दहेज हत्या मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है। विवाह के लगभग डेढ़ महीने बाद पत्नी की मृत्यु के प्रकरण में पति जहांगीर को दहेज हत्या का अपराधी मानते हुए 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

गाजियाबाद दहेज हत्या केस में क्या था मामला?

जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद के निवासी अमरूद्दीन अंसारी ने साल 2022 में शिकायत की थी। उन्होंने यह आरोप लगाया था कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल वाले दहेज में बाइक और पैसे मांगने लगे थे। परिवार का कहना था कि निरंतर उत्पीड़न के चलते शाइना को आठवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

गाजियाबाद दहेज हत्या केस में अहम साक्ष्य बने आधार

सुनवाई के दौरान अदालत में सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में महिला के शरीर पर कई घाव पाए जाने की जानकारी दी गई। इन्हीं साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए अदालत ने आरोपी पति को दोषी ठहराया।

अदालत का फैसला

कोर्ट ने जहांगीर को 10 वर्षों की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में आरोपी सास और ससुर का पहले ही निधन हो चुका है। दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।