नोएडा किसान भूखंड घोटाले को लेकर किसानों का विरोध और भूखंड आवंटन विवाद

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानों के लिए आरक्षित भूमि के आवंटन में गंभीर घोटाले के आरोप लगे हैं। किसानों का कहना है कि उनके हक के भूखंड अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों को मिल गए।

नोएडा किसान भूखंड आवंटन पर सवाल

नोएडा किसान भूखंड मामले में महत्वपूर्ण जानकारी उजागर हुई है। किसानों का कहना है कि जिन अधिकारियों को पारदर्शिता से भूखंड आवंटित करने का कार्य सौंपा गया था, उन्होंने पद के दुरुपयोग के आरोप झेलने शुरू कर दिए हैं। यह दावा किया गया है कि किसानों से नक्शा-11 के दस्तावेज कम दाम पर खरीदकर उत्तम स्थान पर भूखंड प्राप्त किए गए, जिनकी कीमत बाद में काफी बढ़ गई।

नोएडा किसान भूखंड के लिए वर्षों से इंतजार

कई गांवों के कृषक यह बताते हैं कि वे 20 से 27 वर्षों से भूमि आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। तिलपता गांव के किसानों को आवंटन पत्र मिलने के बावजूद अब तक उन्हें भूमि पर भूखंड नहीं मिले हैं। वहीं ऐमनाबाद गांव में किसानों के लिए निर्धारित भूखंडों की स्थिति कई बार बदले जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं।

अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि रुके हुए भूखंडों का आवंटन शीघ्र किया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।