दिल्ली NEET विरोध के दौरान जंतर-मंतर पर अनशन करते सोनम वांगचुक

दिल्ली NEET विरोध के तहत समाजसेवी सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन जंतर-मंतर पर कथित NEET 2026 पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग के खिलाफ किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

दिल्ली NEET विरोध पर अभिजीत दिपके का बयान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी की कि यदि केंद्र सरकार शीघ्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कदम नहीं उठाती और वांगचुक की तबीयत में और गिरावट आती है, तो उसका जिम्मेदार सरकार होगा। उनके अनुसार, वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई होने तक वह अपना उपवास खत्म नहीं करेंगे।

शिक्षा जवाबदेही की मांग पर जारी आंदोलन

दिपके ने अपने एक और पोस्ट में कहा कि कुछ दिन पहले की तुलना में वांगचुक अब अधिक कमजोर और थके हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जबकि वांगचुक खुद लोगों से चिंता न करने की अपील कर रहे हैं। अब तक केंद्र सरकार ने इस भूख हड़ताल या शिक्षा जवाबदेही से संबंधित नई मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। प्रदर्शनकारी NEET 2026 पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था में कथित असमानताओं की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।