JSSC-CGL रद्द, महतो ने अनशन खत्म किया

झारखंड भर्ती को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया। रांची के सदर अस्पताल में राज्य सरकार के मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।
महतो ने सरकार के निर्णय को झारखंड के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण सफलता करार दिया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

झारखंड भर्ती पर 24 दिन के प्रदर्शन के बाद फैसला

रांची में नौकरी के इच्छुक और छात्र संगठनों का आंदोलन लगभग 24 दिनों तक चला। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार पर आरोप लगाए थे। महतो ने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन उपवास प्रारंभ किया था। इसके बाद हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। इस मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।
विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया, साथ ही TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को भी निरस्त किया।

झारखंड भर्ती मामले में जांच का आदेश

सरकार ने 2014 से अब तक राज्य में आयोजित सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं के मामले की जांच के लिए CID और SIT को नियुक्त किया है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच भी की जाएगी। CID ने पहले ही JSSC मुख्यालय पर कार्रवाई की है और इस सिलसिले में 20 व्यक्तियों के गिरफ्तारी की खबर आई है, जिनमें पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. शामिल हैं। खियांग्ते भी शामिल हैं। संभावित वित्तीय अनियमियताओं की जांच के लिए ईडी से संपर्क करने की योजना बनाई जा रही है।

भर्ती व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है। इसमें निर्धारित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी सुरक्षा में सुधार और भर्ती प्रक्रिया के हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे परिवर्तन सुझाए गए हैं।
महतो ने कहा कि भूख हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन छात्रों की पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की।